Reprogram Subconscious Mind Fundamentals Explained



चैतन्य की बातें सुनकर सुमति नयी दुविधा में पड़ गयी. उसकी नयी यादें उसे बता रही थी कि सचमुच वो और चैतन्य अच्छे दोस्त थे. और वो उसकी आँखों में देखते रह गयी.

माँ ने पहली बार मुझे अपनी साड़ी गिफ्ट की है. मैं तो इसे ख़ास दिन पर ही पहनूंगी. पर आज वो ख़ास दिन नहीं है. आज मैं कुछ और पहन लूंगी”

The opposite one sitting appropriate next to him suggests, “This is a scary area and I do not know what my potential holds. I’m concerned.” They’re equally in the same surroundings but their liver cells are getting completely various messages – ultimately impacting the behaviour and genetic action of your cells!

[27] For example, as an alternative to doubting that your book will at any time get released, you have silenced your internal critic and designed a lot of self esteem. But now you need to actually create and revise your manuscript and post it into a publisher. With out motion, you happen to be left with wishful wondering - which is essential, but it isn't plenty of Except if It is really combined with get the job done and motion.[28]

“तो.. मेरी प्यारी बहु क्या नाश्ता बना रही है?”, कलावती सुमति की सास ने अन्दर आते हुए कहा.

Within a modern dialogue with cellular biologist Bruce Lipton, he drew this same comparison when Talking regarding the subconscious packages that every of us take on over the initially seven decades of our life – how these designs and beliefs shape (and most often Restrict) our actuality And just how we can easily change, alter and re-publish these programs to be additional powerfully conscious co-creators of our lifetime.

आशा करती हूँ कि आपको ये छोटी सी कहानी पसंद आएगी.

इंदुमती मेरे पैरो पर गिर पड़ी और रोकर बोली—मेरा कसूर माफ कर दो।

“अच्छा तो पिछले महीने मैंने जो तुम्हारे लिए ड्रेस ली थी, तुम उसे क्यों नहीं पहनते हो?”

[4] Any time you find yourself thinking one thing detrimental about oneself or your abilities, have a move again and issue wherever that pondering arises from. Request by yourself what evidence you have got that you're going to fall short in the undertaking at hand, and you may immediately see that self-doubting feelings would not have any foundation In point of fact.

“सॉरी मुझे तैयार होने में ज़रा देर हो गयी.”, शिल्पा ने here अपनी साड़ी के पल्लू को एक हाथ से संभालते हुए और कुर्सी में अपने लिए जगह बनायीं. और फिर अपने एक पैर पर दूसरा पैर रख कर अपनी कमर के निचे अपनी साड़ी की चुन्नटो को एक ओर कर get more info बैठ गयी. उसको बैठते देखना भी एक मज़ेदार दृश्य से कम नहीं था. बैठते ही उसका पल्लू फिर कंधे से निचे फिसलने लगा, जिसे वो फिर उठाकर अपने कंधे पर जमाने लगी.

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बहुत संभव है कि मैं उन्हें पहले से जानती हूँ. शायद वो चैताली के माता पिता होंगे. (सुमति की शादी चैताली नाम की लड़की से होने वाली थी. पर इस नए परिवर्तन के बाद चैताली चैतन्य बन चुकी थी.)”, सुमति खुद से बातें करने लगी. सुमति को साड़ी पहन कर शालीनता से चलना पहले से ही आता था. आखिर वो इंडियन लेडीज़ क्लब की फाउंडर थी. उसने न जाने कितने ही आदमियों को सुन्दर औरत बनाया था. इन सबके बाव्जूद, अब वो खुद एक पूरी औरत है, इस बात का उसे यकीन नहीं हो रहा था, और फिर चैताली, उसकी होने वाली पत्नी, अब आदमी बन चुकी थी. किसे यकीन होगा ऐसी बातों का? सुमति अपने कमरे से बाहर आई. उसके सास-ससुर सोफे के बगल में अब तक खड़े खड़े रोहित और चैतन्य से बातें कर रहे थे. सुमति सही थी… उसके सास-ससुर चैताली के ही माता पिता थे. कम से कम ये नहीं बदला. उसने उन्हें देखा और तुरंत ही अपने सर को अपने पल्लू से ढंकती हुई उनके पैर छूने के लिए झुक गयी. जैसे कोई भी आदर्श बहु करती. एक तरफ तो सुमति चैतन्य से शादी नहीं करना चाहती थी पर फिर भी उसे बहु बनने में जैसे कोई संकोच न था.

“डार्लिंग. वो ड्रेस न … कुछ ज्यादा ही सेक्सी और खुली है.” (वो थोडा संकोच करते हुए कहता है) “… और मुझे लगता है कि हम दोनों में हमेशा तुम्हे ही ज्यादा सेक्सी दिखना चाहिए”

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